एनसीपी नेता छगन भुजबल पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप, मामला दर्ज


राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता छगन भुजबल पर हत्या करवाने की धमकी देने का आरोप लगा है (फाइल फोटो).

मुंबई:

पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है. उन पर मारने की धमकी के लिए दुबई कनेक्शन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है. चेंबूर पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता ललित कुमार टेकचंदानी की शिकायत पर 506 ( 2) के तहत FIR दर्ज कर ली है.

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शिकायत के मुताबिक ललित कुमार ने छगन भुजबल के मोबाइल नंबर पर दो वीडियो पोस्ट किए थे जिनमें छगन भुजबल ने हिंदू धर्म का अपमान किया था. 

उसके बाद अलग-अलग नंबरों से ललित कुमार को जान से मारने की धमकी वाले फोन आने लगे. उन्हें धमकाया गया कि ”भुजबल साहब को मैसेज करता है, दुबई वालों को कहकर गोली मरवाता हूं तुझे.” FIR ने 30 सितंबर को दर्ज हुई है.

गौरतलब  है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने दो दिन पहले महाराष्ट्र के विद्यालयों में देवी सरस्वती की मूर्ति की उपस्थिति पर सरकार से सवाल किए थे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था, चूंकि सरस्वती ज्ञान की देवी हैं तो मूर्तियां नहीं हटाई जाएंगी.

इस सप्ताह की शुरुआत में मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान भुजबल ने कहा था कि विद्यालयों में सावित्री फुले, ज्योतिबा फुले, शाहू महाराज, भाऊराव पाटिल और भीमराव आंबेडकर की मूर्तियां लगाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा था, “इन समाज सुधारकों के बजाय, देवी सरस्वती और शारदा की मूर्तियां विद्यालयों में लगाई जाती हैं. हमने उन्हें नहीं देखा है और उन्होंने हमें कुछ भी नहीं सिखाया है. हम उनके सामने प्रार्थना क्यों करें?”

एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा था कि सरस्वती की मूर्तियां विद्यालयों से नहीं हटेंगी. मुख्यमंत्री शिंदे ने बुधवार को प्रमुख ओबीसी नेता भुजबल के गृह क्षेत्र नासिक में संवाददाताओं से कहा था कि, “कोई भी मूर्ति नहीं हटाई जाएगी. कुछ लोग (भुजबल) जो चाहे महसूस कर सकते हैं. हम उनकी मर्जी के मुताबिक काम नहीं करेंगे. हम वही करेंगे जो आम लोग चाहते हैं.”

उप मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा था कि समाज सुधारकों की मूर्तियां भी विद्यालयों में लगाई जाएंगी, लेकिन सरस्वती की मूर्तियां नहीं हटाई जाएंगी. उन्होंने कहा, “सरस्वती ज्ञान की देवी है. जो लोग हमारी संस्कृति और हिंदूत्व को नहीं मानते वह इस तरह की टिप्पणियां करते हैं.”

(इनपुट भाषा से भी)

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